INDIA NEWS 24
Sunday, January 11, 2026
यूपी का जंगलराज - कानपुर में 14 साल की मासूम घर से निकली, तभी स्कॉर्पियो रुकी और उसे जबरन खींच लिया। 2 घंटे तक गैंगरेप करने के बाद सड़क पर फेंक दिया। इस वारदात में यूपी पुलिस का दारोगा भी शामिल, जो फरार है। पीड़ित परिवार थाने पहुंचा तो उन्हें भगा दिया। सोशल मीडिया का दबाव बना तब जाकर FIR दर्ज हुई। ये है योगी राज में कानून का हाल—जहां रक्षक ही भक्षक बन जाएं! #kanpur #UttarPradesh #rape #भाजपा_राज_में_बेटी_बचाओ
Wednesday, November 22, 2023
अपराध अन्वेषण शाखा-1 की टीम ने मोटरसाईकिल चोरी
Monday, April 4, 2022
हरियाणा बोर्ड के परीक्षा केंद्र से सामने आई बड़ी लापरवाही !Live India News 24
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पेट्रोल या डीजल के दाम में बढ़ोतरी india news 24 breaking news
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बूचा में हुआ क्या था?
युद्ध में दो या तीन सप्ताह बाद ही रूसी सेना ने अपना मूमेंटम यानी गति खो दी. बूका की सड़कों पर ये साफ़ नज़र आता है.
रूस के एयरबॉर्न फ़ोर्स के एलीट ट्रूप बख्तरबंद वाहनों में शहर तक आए थे. ये वाहन इतने हल्के थे कि इन्हें विमान के ज़रिए एक जगह दूसरी जगह ले जाया जा सता था. ये एलीट फोर्स के लोग बूचा से कुछ मील दूर होस्टोमेल हवाई अड्डे पर उतर कर यहां तक आए थे. इस हवाई अड्डे को रूसी अर्धसैनिकों ने अपने कब्ज़े में ले लिया था.
मलबे में तब्दील शहर
यहां सड़के संकरी और सीधी है, घात लगाने या छिप कर हमला करने के लिए एकदम आदर्श मानी जाती हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यूक्रेन ने तुर्की से खरीदे गए बायरख़्तर अटैक ड्रोन से रूस के काफ़िले पर हमला किया. आस-पास के इलाकों में रहने वाले अन्य लोगों ने कहा कि यहां यूक्रेनी सेना के साथ-साथ रक्षा वॉलेंटियर भी मौजूद थे.
हालाँकि यूक्रेन इस काफ़िले को रोक सका, रूस के मुख्य वाहनों को नष्ट कर दिया गया लेकिन ये मलबे को हाथ तक नहीं लगाया गया है.
अभी भी 30 मिमी तोप के गोले घास पर पड़े हुए हैं, कई और भी गोलों के ख़तरनाक टुकड़े सड़कों पर पड़े हुए हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई रूस के युवा सैनिक भाग खड़े हुए तो कुछ पकड़े जाने पर अपनी जान की भीख मांगने लगे.
70 वर्षीय एक शख़्स खुद को अंकल हैरिशा बताता है. वह कहता है, '' "मुझे उनके लिए दुख हो रहा था. वे 18 से 20 साल के लड़के थे उनके आगे उनका पूरा जीवन पड़ा हुआ था."
ऐसा लगता है कि बूचा से बाहर निकलते रूसी सैनिकों में कोई दया नहीं थी. कम से कम 20 मृत रूसी सैनिक सड़कों पर पड़े हुए थे जब रूसी सेना ने बूचा का इलाका खाली किया. इनके हाथ पीछे की ओर बंधे हुए थे.
यूक्रेन संकट: ध्वस्त टैंकों और लाशों से पटी बूचा शहर की सड़कें, जानिए आंखों देखा हाल
बूचा, रूस के कीएव को घेरने और राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की की सरकार गिरा देने के सपनों का कब्रिस्तान है. ये वो जगह है जहां रूस के ये इरादे ज़मीदोज़ हो गए.
24 फरवरी को रूस के यूक्रेन पर हमला करने के दो से तीन दिन बाद ही यूक्रेनी सेना ने उन रूसी टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट कर दिया था जो बूचा से कीएव की ओर बढ़ रहे थे.
कई यूक्रेनी सेना की ओर से इस काफ़िले को नष्ट कर दिया गया था. इस शहर से रूस की सेना को कीएव की ओर बढ़ने के लिए यूक्रेनी सेना ने नाकों चने चबवा दिए थे.
बीबीसी की टीम बूचा पहुंची, क्योंकि शुक्रवार को बूचा से रूस ने अपनी पूरी सेना वापस बुला ली, ये क़दम क्रेमलिन के उस 'शांत और तर्कसंगत' फ़ैसले का हिस्सा है जिसके तहत वह पूर्वी यूक्रेन में युद्ध पर केंद्रित करना चाहता है.
रूस के हमले को यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने फिर बताया ‘नरसंहार’
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने रूसी आक्रमण को "पूरे देश की प्रताड़ना" बताया है.
रविवार को सीबीएस न्यूज को दिए गए इंटरव्यू में ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के लोग रूस के अधीन नहीं होना चाहते और इसी के वजह से उन्हें बर्बाद किया जा रहा है.
जब उनसे पूछा गया कि क्या रूस जो कर रहा है उसे नरसंहार कहा जाएगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा,
"बिलकुल, ये एक नरसंहार ही है, एक देश और वहां के लोगों का सफ़ाया किया जा रहा है. हम यूक्रेनी नागरिक हैं, हमारे यहां 100 देशों से ज़्यादा के नागरिक रहते हैं, ये इन सभी नागरिकों को बर्बाद करने जैसा है. ‘’
रविवार को वीडियो के ज़रिए देश को संबोधित करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा, ‘’हमारी ज़मीन पर किए गए हर अपराध की जांच होगी. ऐसे अपराध करने वालों के नाम हत्यारों की किताब में दर्ज होंगे और उन्हें सज़ा मिलेगी
गूगल मैप्स क्रैश होने से करोड़ों यूजर्स परेशान, सोशल मीडिया पर मीम्स की आई बाढ़
नई दिल्ली, 19 मार्च: गूगल मैप्स गुरुवार शाम को अचानक क्रैश हो गया, जिस वजह से उसके करोड़ों यूजर घंटों परेशान रहे। हालांकि अब कंपनी ने गड़बड़ी को सुधार लिया है। जिस वजह से सारी सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि गूगल की अन्य सेवाएं जैसे- जीमेल, क्रोम आदि भी काफी देर तक प्रभावित रहीं।
मामले में डाउनडेटेक्टर ने बताया कि गूगल मैप्स डाउन हो गया था और 12,000 से ज्यादा यूजर्स ने अमेरिका में इसके क्रैश होने की खबर दी। इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम के 2000 यूजर्स ने नेविगेशन टूल में दिक्कत की बात कही। इसी तरह के हालात कनाडा में भी रहे, वहां के 1763 यूजर्स ने बताया कि गूगल मैप खोलने पर खाली पेज सामने आ रहा है।
वेबसाइट के मुताबिक गूगल मैप की सेवा काफी देर तक भारत में भी प्रभावित रही, जिस वजह से करोड़ों लोग इधर-उधर भटकते रहे। इस दौरान ओला, उबर जैसी टैक्सी सेवा प्रदाताओं को भी दिक्कत का सामना करना पड़ा, क्योंकि ज्यादातर काम गूगल मैप पर ही निर्भर रहता है। 2020 में एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें बताया गया था कि दुनियाभर में एक बिलियन से ज्यादा लोग एक महीने में गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं।



